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बातें खत्म नहीं होती

August 22, 2016

 

बातें खत्म नहीं होती

 

तें खत्म हो जाती है ।
कभी तुम कहती हो कुछ
कभी हम कुछ कहते हैं ।
कभी ये खामोशियां ही
हमारी जुबान हो जाती हैं ।
बातें खत्म नहीं होती
रातें खत्म हो जाती हैं ।
जब तुम कहती हो नींद नहीं आंखों में
तो नींद हमें भी कहां आती है
बातें खत्म नहीं होती
रातें खत्म हो जाती हैं ।
तुम कहती हो रूको ना थोड़ी देर
तुम जाते हो तो सांसें रुक जाती हैं
बातें खत्म नहीं होती
रातें खत्म हो जाती हैं।
तुम सपनों में आया करो
आंखें तरस जाती हैं ।
बातें खत्म नहीं होती
रातें खत्म हो जाती हैं ।
हमेशा यहीं रहना मेरे पास
दूरी दूभर हो जाती है
बातें खत्म नहीं होती
रातें खत्म हो जाती हैं ।

 

#राजीव #Rajiv #RK
#RandomThoughts

 

 

 

 

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