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"दुआ..."

August 10, 2018

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

गर मिल जाए ख़ुु़दा तो एक दुआ माँग लुं, 

खुल के जीने का ज़रा एहसाहस माँग लुं...

 

उड़ जाऊँ बिना मंजिल के, न आऊँ किसी के हाथ,

खुद को कर दुँ आज़ाद दो पंख माँग लुँ... 

 

सराब सी जिंदगी हर पल, है बड़ी बेरगं, 

अास्मॉ का वो नीला रंग माँग लुँ, 

खुद को कर दुँ अजाद दो पंख माँग लुँ...

 

चिख़ता हुआ सऩनाटा, फूसफुसाहट साँसो की, 

चिख़ता हुआ सऩनाटा, फूसफुसाहट साँसो की,

दे दुँ सब कुछ हवाओं का वो शोर माँग लुँ,

खुद को कर दुँ आज़ाद दो पंख माँग लुँ... 

 

गर मिल जाए खुदा तो एक दुआ माँग लुं...

गर मिल जाए खुदा तो एक दुआ माँग लुं...

 

- पुनीत

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